मंच से मौला अली का गीत गाते हैं प्रसिद्ध कंथा वाचक मुरारी बापू

प्रतिस्पर्धा के दौर में आजकल कथा नाटकों की बाढ़ सी आ गई है इस कारण प्रसिद्ध कंथा वाचक मुरारी बापू भी अपने मंच से मौला अली मौला अली आलाप रहें हैं हो सकता है कि वह ऐसा करके अपना नाम सांई बाबा व कबीर जैसे संतों मे लिखवाना चाहतें हों पर आजकल हिंदुत्व की जैसी हवा चल रही है उसके अनुसार ऐसे मुल्लावादी कथावाचको का वजूद ही समाप्त हो जाना तय है ।

 

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