जय जय श्री राधे जय जय मां भारती…..🙏
आज हिंदू राष्ट्र के अनुयायियों से मेरा एक ही निवेदन है… कि बंदिनीओं का बंधन हो और समाज में जो कथा के नाम पर अल्लाह हू अकबर का गान कर रहे हैं उनको दंड का प्रावधान हो….
हमारी संस्कृति सभ्यता हमारे लोकतंत्र का कुछ विधर्मी होने कुछ कमिश्नरी और ने भारत के कुछ चंद गरीबों की गरीबी का मजाक उड़ाते हुए…
एक मुट्ठी चावल दे दिया राइस क्रिश्चियन हो हो गए..
दो पेरासिटामोल की टेबलेट दे दी तो तो क्रिश्चियन हो गए आज बिहार के गांव के गांव धर्मांतरण हो रहे हैं इसका एक ही कारण है गरीबी अशिक्षा…

जिस हिंदुस्तान में पूरे विश्व को जीना सिखाया जिस हिंदुस्तान की संस्कृति को पूरा इंग्लैंड जानता है आज भी बाहर जाओ तो जगह-जगह हिंदुस्तान की संस्कृति के गुण गाए जाते हैं और वह भारत आज पूरा धर्मांतरण की कगार पर खड़ा है….
क्योंकि अपने ही गद्दार ना होते तो भारत के टुकड़े चार ना होते ना आपसे लूटते यहां विधर्मी………

भारत को खतरा विदेशों से नहीं है भारत को खतरा भारत के ही कुछ चंद गद्दारों से है जो अपने ही देश की जड़ों को दिन प्रतिदिन खोकला करते जा रहे हैं…

आज कथाओं का मतलब मनमंथन नहीं कथाओं का मतलब मनोरंजन हो गया है लोगों ने धर्म का आडंबर खड़ा कर दिया है व्यासपीठ जैसी पवित्र जगह पर बैठकर लोगों ने अकबर महान और बाबर महान के नारे लगाने शुरू कर दिए हैं अरे शर्म आती है मुझे ऐसे चंद देश के गद्दारों से जो खाते तो हिंदुस्तान का है लेकिन गुण गाते हैं पाकिस्तान के गाते हैं….
और पाकिस्तान के गुण इसलिए गाते हैं क्योंकि यह पाकिस्तान का फोकट का माल खाते हैं. क्योंकि उनको अरब देश से करोड़ों का डोनेशन आता है और उनके आश्रम उसे डोनेशन से चलते हैं मैं यह प्रत्यक्ष और प्रमाण के साथ वार्तालाप करता हूं…

इसीलिए मेरे हिंदुस्तान के जनता से हाथ जोड़कर नम्र निवेदन है कि हमारी व्यासपीठ ऊपर ऐसे विधर्म यों को ना बैठाया जाए जो राम के राज्य में #_अल्लाह हू अकबर और श्रीमद भगवत महापुराण को बंद करने की वार्तालाप कहते हैं हमारे किसी भी श्लोकों में या ग्रंथ में यह नहीं कहा कि जब भी आजान हो तो आप अपने भगवान को याद करना बंद कर दो…

मेरा हिंदुस्तान की जनता से अनुरोध है कि अपने हिंदुस्तान के लिए अपने धर्म के लिए अपने समाज के लिए अपनी ग्रंथों के लिए अपने लोकतंत्र के लिए और अपने अधिकारों के लिए अगर आज कोई हिंदू खड़ा नहीं होगा तो शायद फिर जीवन भर उसे शर्मिंदगी भरा जीवन यापन करना पड़ेगा क्योंकि आज हमारे देश को हमारी प्रजा को हमारे राष्ट्र को हमारी जरूरत है और ऐसे विधर्मी यों को भारत से धक्के मार कर निकालिए…..

जो हमारी पूजनीय व्यास पीठ पर बैठकर गलत प्रवचन करते हैं ऐसे लोगों को व्यास पीठ पर बैठना निंदनीय है

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